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क्रिया(Kriya) Handwritten Notes Download pdf

क्रिया(Kriya)


क्रिया:- किसी वाक्य में होने का बोध हो तो उसे क्रिया कहते हैं


क्रिया दो प्रकार की होती है 
  • अकर्मक क्रिया 
  • सकर्मक क्रिया
अकर्मक क्रिया:- ऐसी क्रिया जिसमें कर्म अनुपस्थित होता है उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं जैसे पक्षी आकाश में उड़ते हैं गधा शेर जंगल में दौड़ता है।

सकर्मक क्रिया :-ऐसे किया जिसमें कर्म उपस्थित होता है उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं जैसे रमेश पुस्तक पढ़ता है

सकर्मक क्रिया भी दो प्रकार की होती है 

  • एक कर्मक 
  • दिव कर्मक 

1. एक कर्मक क्रियाएं:- ऐसी क्रिया है जिसमें एक ही करम हो उसे एक कर्मक क्रिया कहते हैं

2. दिव कर्मक क्रियाएं:- ऐसी क्रिया जिसमें दो करम हो उसे दिव कर्मक क्रिया  कहते हैं

अन्य क्रियाए 

 प्रेरणार्थक क्रिया :-ऐसी  किया जिसके द्वारा काम करवाया जाता है वह क्रिया प्रेरणात्मक क्रिया कहलाती है जैसे राम ने सीता को जगाया

पूर्वकालिक क्रिया:- ऐसी क्रिया जिसमें कर शब्द आए तो वह पूर्वकालिक क्रिया कहलाती है जैसे कल पढ़ कर आना है

सजातीय क्रिया :- ऐसी किया जिसमें दो क्रियाएं समान हो उसे सजाती है क्रियाएं कहते हैं जैसे भारत ने लड़ाई लड़ी

संयुक्त क्रिया:- ऐसी क्रिया  जिसमें दो या दो से अधिक क्रिया हो उसे संयुक्त क्रिया कहते हैं जैसे भरत दास ने खेल खेला

संपूर्ण नोट्स 👇👇



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