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RBSE Class 10th Science Notes 2020 Chapter 10 विधुत धारा

कक्षा-10 विज्ञान chapter-10  विधुत धारा


विद्युत धारा :- किसी भी विद्युत परिपथ में किसी बिन्दु से इकाई समय में गुमरने वाले आवेश की माता को विधुत धारा कहते है।

 विद्युत धारा (1)  = आवेश (9)/समय (t)

विद्युत धारा का मानक: ऐम्पियर

एक ऐम्पियर की परिभाषा :- यदि किसी विद्युत परिपथ के किसी विन्दु से 1 सेकेन्ड में 1 कलॉम आवेश गुजरता है। तो उस परिपथ में धारा एक ऐम्पियर होगी

Note :- विद्युत धारा मापन के लिए अमीटर का उपयोग किया जाता है।                इसे परिपथ में श्रेणीक्रम में लगाते हैं।

विद्युत विभवान्तर :- किसी विद्युत परिपथ में एकांक धन आवेश को एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक ले जाने में किया गया कार्य उन दो बिन्दुओ के मध्य विभवांनतर के बराबर होता है।

विद्युत विभव : किसी विन्दं पर विद्युत विभव अनन से एकांक धन आवेश को उस बिन्दू तक लाने में किये गए कार्य के बराबर होता है।


Note:- विभवान्तर का मापन वोल्टमीटर द्वारा किया जाता है।
           इसे परिपथ में समान्तर क्रम में लगाते हैं। 

ओम का नियम : इस नियम के अनुसार यदि किसी चालक तार की भौतिक अवस्था, जैसे- ताप, दाब, लम्बाई, अनुप्तस्थ काट क्षेत्रफल आदि स्थिर रहे, तो उनके सिरी के मध्य विभवान्तर उसमें प्रवाहित धारा के समानुपाती होता है। इसे 1 ओम का नियम कहते है। 

ओम के नियम का प्रायोगिक सत्यापन :- परिपथ में एक सेल, धारा नियंत्रक, अमीटर, और कुंजी को श्रेणीक्रम में जोड़ देते है। और चालक तार को वोल्टमीटर के समाजर फ्रम में जोड़ देते है। चालक जार में विभिन्न मान की धारा प्रवाहित फर अमीटर से ज्ञात कर लेते है। इन सभी धाराओं के संगत विभवान्तर पोल्ट मीटर से ज्ञात करते हैं। विभवान्तर । और के पाठयाकों के मध्य
ग्राफ खिचने है। ग्राफ एक सरल रेखा के रूप में प्राप्त होता है। याफ से सिद्ध होता है। कि, चालक के सिरों के मध्य उत्पन्न विन्नवान्तर प्रवाहित धारा के समानुपात्ती होता है। यही ओम का नियम है।

संपूर्ण नोट्स👇👇 


            

3 comments:

  1. notes are missing whats going on!!!!

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  2. Please notes dale...Aur 10th Board ka syllabus ab change ho chuka h... Rajasthan board ke liye bhi NCERT lagu kr di..Uske notes bheje

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