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RBSE 10th Class Science Handwritten Notes Chapter 9 प्रकाश

अध्याय 9 - प्रकाश (Light)

हम हर दिन में चारों तरफ विभिन्न रंगों की वस्तुओं को देखते हैं लेकिन अंधेरे कमरे में या रात के समय हम आसानी से वस्तुओं को देख नहीं पाते हैं यदि रात के समय हम बल्ब जलाए तो हमें वस्तु दिखाई देती है पृथ्वी पर प्रकाश का मुख्य स्त्रोत सूर्य हैं जब प्रकाश किसी वस्तु पर गिरता है तो वस्तु प्रकाश के कुछ रंगों को अवशोषित कर लेती है। कुछ रंगों को परावर्तित करती है यही प्रकाश जब हमारे नेत्र पर पड़ता है तब नेत्र में उसका प्रतिबिंब रेटिना पर बनता है जब कोई वस्तु हमें लाल दिखाई देती है क्योंकि उस पर गिरने वाले प्रकाश के लाल रंग की किरणों को वह वस्तु परावर्तित करती है जब प्रकाश किसी वस्तु के आर-पार निकल जाता है तो वह हमें पारदर्शी दिखाई देती है जब कोई वस्तु सभी रंगों को अवशोषित कर लेती है तो वह काली दिखाई देती है।

प्रकाश का द्वैत सिद्धांत बोगली ने दिया था। मोगली ने बताया कि प्रकाश तरंग और कर्ण दोनों की तरह व्यवहार करता है।

प्रकाश का परावर्तन:- जब प्रकाश की किरण है किसी पृष्ठ पर गिरती है तो उनमें से अधिकांश किरणें निश्चित दिशाओं में गमन करती है यही प्रकाश का परावर्तन कहलाता है। प्रकाश का परावर्तन दो प्रकार का होता है नियमित परावर्तन तथा विसरित परावर्तन।


नियमित परावर्तन:- जब प्रकाश किसी प्रकाश पुंज को चिकने फर्स्ट द्वारा उसी माध्यम में एक विशेष दिशा में भेज देने को नियमित प्रकाश कहते हैं।

विस्तृत परावर्तन:- खुरदरे सतह द्वारा प्रकाश को सभी दिशाओं में विकिरण के प्रभाव को विस्तृत परावर्तन कहते हैं।



संपूर्ण नोट्स 👇👇



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