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Medicines and Vaccines for Coronavirus, कोरोनावायरस के लिए दवाइयां



कोरोनावायरस के लिए दवाइयां व वैक्सीन (Medicines and Vaccines for Coronavirus)


भारतीय मूल के चिकित्सक ने चार दवाइयां विकसित की इसके लिए परीक्षण शुरू किया जाएगा|

कोरोनावायरस जानलेवा संक्रमण ज्यादा है इसलिए इससे डरने की जरूरत नहीं है| इससे बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है| दुनिया के पूर्व में भी कई बार इसे निस बीमारियां आती रही है|एक समय बाद उनका इलाज ढूंढ लिया गया है|कोरोनावायरस 4 दवाइयां वितरित की है| इनका क्लीनिकल ट्रायल शुरू हो चुका है| इन दवाओं को विकसित करने वाले डॉक्टर संत चावला जयपुर के पास प्रागपुरा के निवासी  निवासी है| जो कैलिफोर्निया में सार्कोमा कैंसर एक्सपर्ट है| मेडिकल और क्लीनिकल रिसर्च में 30 साल का अनुभव है|
जयपुर के प्रागपुरा के मूल निवासी हैं डॉक्टर चावला इससे पहले कई कैंसर की दवाइयों का कर चुके हैं इजाद।



पांच छह माह में बाजार में आने की उम्मीद


किस तरह काम करेगी यह दवाइयां|
कोरोनावायरस को लेकर 4 दवाइयां विकसित की गई|इनमें से दो और दवाइयां जो करना के संक्रमण को रोकने के लिए हैं| अमेरिका की फूड एंड ड्रग्स एजेंसी की अनुमति से क्लिनिकल ट्रायल शुरू हो चुका है| इनमें एक दवा का नाम है सेबी a1, जो संक्रमण रोधी है इनका परीक्षण हॉस्पिटल में चिकित्सकों नर्सेज वार्ड ब्याव तकनीशियन पर किया जा रहा है|

तीन अन्य दवाइयां मरीजों के लिए विकसित की गई है

दूसरी दवा जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करेगी इसका प्रयोग संक्रमित मरीज के इलाज में होगा| इसके अलावा तीसरी दवा जो स्टेम सेल आधारित है संक्रमित मरीजों के लिए होगी इसका प्रयोग कम भीर स्थिति से पहले के मरीजों के लिए होगी चौथी दवा कम भीड़ मरीजों में रिकवरी फास्ट करने के लिए हैं| ऐसे मरीजों गंभीर स्थिति में रेस्पिरेट्री सिस्टम पर है उन पर प्रयोग की जा रही है|

कोरोनावायरस का चेक करें 30 या 45 दिन तक चलता है

दरअसल कोरोनावायरस का संक्रमण आजकल खत्म नहीं होने वाला है क्योंकि इसकी खासियत थी की किसी के संक्रमित होने से ठीक पहले कम से कम 30 45 दिन का समय लगता है सामान्यतः शरीर में प्रवेश करने के 10 दिन बाद इसकी गतिविधि तेज हो जाती है इसके बारे में कम से कम 30 या 35 दिन लगते हैं इस दौरान लोगों को संक्रमित कर चुका होता है|


प्लाज्मा थेरेपी ने जगाई उम्मीद भारत में भी शोध


प्लाजमा थेरेपी है एंटीबॉडी थेरेपी कोरोनावायरस में नई रोशनी बनकर आई है कोराना से ठीक हो चुके मरीज  के ब्लड प्लाजमा से नए मरीजों के इलाज में मदद मिली है  चीन में गंभीर मरीजों को यह प्लाज्मा दिए जाने के 72 घंटे ही लक्षण खत्म होने लगे हैं और ब्रिटेन के अलावा अमेरिका के अस्पताल में भी इसका प्रयोग किया गया है अस्पताल में रोगियों को ठीक करने के लिए प्लाज्मा थेरेपी का प्रयोग किया है और अस्पताल के चिकित्सक डॉक्टर एरिक सालासर  ने बताया कि वैक्सीन में समय लग सकता है इसलिए प्लाज्मा थेरेपी बेहतर विकल्प है इसका इस्तेमाल पहली बार 1918 में स्पेनिश फ्लू महामारी के समय हुआ था|


क्या है एंटीबॉडीज? (What is Antibodies)


जब कोई संक्रमित स्वस्थ हो जाता है तो उसके शरीर में एंटीबॉडीज बन जाते हैं| इससे इम्यूनिटी सेल से प्रोटीन उत्सर्जित होता है जो प्लाज्मा में पाए जाते हैं| इससे विशेषज्ञ के इलाज के रूप में देख रहे हैं|

..... तो कितनी सस्ती होगी कोरोना की दवाइयां वह वैक्सीन

एक विश्लेषण से पता चला है कि कोरोनावायरस के लिए बनाई जा रही दवा की लागत प्रति मरीज $1 प्रति दिन या इससे भी कम हो सकती है लिवरपूल विश्वविद्यालय के दवा मूल्य विषय के एंडोहील का कहना है कि कोरोनावायरस की दवा सस्ती होगी क्योंकि ज्यादातर दबाया पेंट से दूर है निर्माताओं द्वारा निर्मित की जा सकती है

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